मंगलवार, 22 दिसंबर 2015

मजहब

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दोस्तों ,

          यह ठीक है कि मजहब हमारी चेतना का बहुत गहरा हिस्सा
है , लेकिन इसके दुरूपयोग और किसी भी धर्म के उग्र पंथियों
को इसके नाम पर देश और जनता को बंधक बनाने की अनुमति
नही दी जा सकती , क्योंकि सवाल सिर्फ नैतिकता और वैधानिकता
का ही नही बल्कि भारतीय राज्य के भविष्य का भी है ।
रोचक

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